Chai and Shayari

.

लफ़्ज़ों में नूर और काम भी है रोशनी का,
उम्मीद है चिराग से घर चलेगा मुफ़्लिस का।
वह राख चाहिए जो रोशन रूह को करे,
'नूरम' तभी तो घर बचेगा मिस्कीन का।.

Post a Comment

0 Comments