Chai and Shayari
. वो मकां अब भी मेरा है या मुसाफ़िर हूँ कोई, 'नूरम', दिल में वो बसा भी है, और…
. वो मकां अब भी मेरा है या मुसाफ़िर हूँ कोई, 'नूरम', दिल में वो बसा भी है, और दिल में रहता भी नहीं।
Read more. डूब रहा था सूरज जब, मेरी हसरतों का उदय हो रहा था। वह देख रहा था तिरछी नज़रों से, 'नूरम' असर दिल पे हो रहा था। View this post on Instagram …
Read more. मेरे जागे से ख्वाबों में तुम हो, मेरे गीतों की शोखी में तुम हो, कुदरत के शाहकारों में तुम हो, चाँद की रोशनाई में भी तुम हो, अगर मैं साज़ होऊं कोई तो 'नूरम…
Read more. तेरी मोहब्बत में होकर बर्बाद, कहते हैं, कहते हैं वह बात जिसे राज़ कहते हैं। वो कर रहे हैं, मोहब्बत-ए-मौज़ू हमसे, वो कर रहे हैं, मोहब्बत-ए-मौज़ू हमसे, जो बराए…
Read more. वो कर रहे हैं, मोहब्बत-ए-मौज़ू जो ऐसे करते हैं, जैसे मेज़बानी, और जब न करें, जैसे मेहरबानी।
Read more. Find me in instagram A furry fox, with eyes of desire, Stealing the calm, lighting fire, It slipped through the window, silent and bold, Turning the midnight…
Read more. उसने जोड़ा है खुशबू को शीशी में, जिसने फूलों को टहनी से जुदा दिया। वो अब चला रहा है खुशबू की दुकान, 'नूरम' जिसने गुलाबों के ज़ख़्मों को हरा कर दिया।
Read more. वो मकां अब भी मेरा है या मुसाफ़िर हूँ कोई, 'नूरम', दिल में वो बसा भी है, और…
Social Plugin