Chai and Shayari
. हम तेरे शहर में आए, तो खफा मत होना, तेरी चौखट पे न आएंगे, चले जाएंगे। हम बिखरे हैं ज…
. हम तेरे शहर में आए, तो खफा मत होना, तेरी चौखट पे न आएंगे, चले जाएंगे। हम बिखरे हैं जरा सा, संभल जाएंगे, जब याद वो गुजरे जमाने आएंगे। तुझे छू के आने वाली हवा,…
Read more. लफ़्ज़ों में नूर और काम भी है रोशनी का, उम्मीद है चिराग से घर चलेगा मुफ़्लिस का। वह राख चाहिए जो रोशन रूह को करे, 'नूरम' तभी तो घर बचेगा मिस्कीन का।
Read more. दवा और दुआ से आगे का यह दर्द है, इश्क़ कमबख़्त, बहुत आगे का मर्ज़ है। नाकाम हुईं सब कोशिशें, नाकाम सब अमल हैं, मोहब्बत के सैलाब में तिनके को भी लर्ज़ है। यह…
Read moreनमस्ते दोस्तों, शब्दों, धुनों और कविताओं के हमारे इस सफर को एक नया रूप देने का समय आ गया है। उपनाम nuRam के तहत लिखी गई रचनाओं और गहरे विचारों से प्रेरित होकर…
Read more. उनका दिया एक ज़ख़्म ही था काफ़ी, ख़्वाबों की हक़ीक़त, मैं हक़ीक़त से जागी। यादों में डसती, तन्हाई की बिजली,'नूरम' आँखों को खोया है, बस आँसू हैं बाक़…
Read more. हर कविता की एक कहानी होती है, लफ़्ज़ों में लिखी एक पेशानी होती है। कहानी लिखने वाले बस शक्श बदलते है, 'नूरम', हर कहानी में वही किरदार होता है।
Read more. हम तेरे शहर में आए, तो खफा मत होना, तेरी चौखट पे न आएंगे, चले जाएंगे। हम बिखरे हैं ज…
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