Chai and Shayari
. जाने वाले एक नज़र देख तो ले, किस कदर तेरे इंतज़ार में बैठे हैं, हम तेरे हुस्न में म…
. जाने वाले एक नज़र देख तो ले, किस कदर तेरे इंतज़ार में बैठे हैं, हम तेरे हुस्न में मजबूर नहीं, 'नूरम' तू कहें तो हम संभल सकते हैं।
Read more. तुम गुनाह हो तो सबसे बड़ा सवाब लगती हो, कैसे छू लें, सुलगता हुआ आफ़ताब लगती हो। बंदगी से पहले ही आपका सजदा कर बैठे हम, 'नूरम' ज़माने की हर बंदिश से म…
Read more. महताब की कसम महताब लगती हो, केसर की कसम, कश्मीरी गुलाब लगती हो। दरिया-ए-इश्क़ में वो कश्ती हो तुम, 'नूरम' जो मंज़िल का ख़्वाब देखती है।
Read more. अपनी ही ख़ामोशी में, मुद्दतों से बेक़रार बैठे हैं, 'नूरम' यह दौर नया है, यहाँ सब इंतज़ार में बैठे हैं।
Read more. मिल के भी जो तेरा न हुआ, तू उसके लिए परेशान है क्या? क्यों तकता है आसमान को तू, 'नूरम', तेरा महबूब ख़ुदा है क्या।
Read more. Send your poetry we are waiting. Our poetic calendar: Oct to Feb 2026 ✨ Month 1: रक़्स-ए-जुनूँ (The Ecstatic Dance of Passion) Theme Anthem: एक अमल है शाय…
Read more. "जब अश्क़ ग़म-ए-रूह से पूछता है कि क्या हुआ... तो अशआर बाहर आते हैं। और फिर जब आँसू हाथों को सहारा देते हैं, तो लबों पे दुआ आती है। शायरी, रूह से बात कर…
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. जाने वाले एक नज़र देख तो ले, किस कदर तेरे इंतज़ार में बैठे हैं, हम तेरे हुस्न में म…
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