Chai and Shayari
. मिल के भी जो तेरा न हुआ, तू उसके लिए परेशान है क्या? क्यों तकता है आसमान को तू, …
. मिल के भी जो तेरा न हुआ, तू उसके लिए परेशान है क्या? क्यों तकता है आसमान को तू, 'नूरम', तेरा महबूब ख़ुदा है क्या।
Read more. Send your poetry we are waiting. Our poetic calendar: Oct to Feb 2026 ✨ Month 1: रक़्स-ए-जुनूँ (The Ecstatic Dance of Passion) Theme Anthem: एक अमल है शाय…
Read more. "जब अश्क़ ग़म-ए-रूह से पूछता है कि क्या हुआ... तो अशआर बाहर आते हैं। और फिर जब आँसू हाथों को सहारा देते हैं, तो लबों पे दुआ आती है। शायरी, रूह से बात कर…
Read more. Hey Rhymers, Let’s be honest—scrolling through endless, predictable text blocks is getting a bit repetitive. Poetry vlogging can feel incredibly flat and dr…
Read more. ✒️ Poet Name: Dr. Ashutosh Manwati 'nuRam' 📍 J&k, India देर हुई मनाने में, अब मलाल…
Read more. आसमान से उतरी कोई अप्सरा लगती हो, 'नूरम' के ख़्वाबों का तब्सिरा लगती हो, कंगन खनका कर जब मुस्कुराती हो तुम, मन मंदिर में होने वाली आरती लगती हो। Follo…
Read more. आपकी तस्वीर में भी जो, थोड़ी सी जगह मिल जाये, ये जमाना जल जाये, 'नूरम' की तकदीर बन जाये।
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