Chai and Shayari



.

हम तेरे शहर में आए, तो खफा मत होना,
तेरी चौखट पे न आएंगे, चले जाएंगे।
हम बिखरे हैं जरा सा, संभल जाएंगे,
जब याद वो गुजरे जमाने आएंगे।
तुझे छू के आने वाली हवा, अक्सर कहती है
'नूरम' वो है यहीं कहीं, जरा ठहर कर आएंगे।

Post a Comment

0 Comments