Chai and Shayari

 .


चेहरे से जब पल्लू उसने हटाया होगा,

चाँद उसके जैसा होगा, सबने सोचा होगा।

'नूरम' का कलाम जब पढ़ा होगा उसने,

उसका ही चेहरा सबको नज़र आया होगा।


Post a Comment

0 Comments