Chai and Shayari

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चलो अच्छा हुआ कि तुम्हें किसी से तो मोहब्बत हुई,
एक अरसे से सँभाली थी हमने तस्वीर, रुख़सत हुई।
तेरी तस्वीर ने, तेरी सोहबत से ज़यादा सताया है हमें,
'नूरम', बिना कुछ बोले ही बहुत रुलाया है हमें।

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