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Poem: For men india Parivar
हम होंगे कामयाब, दिलाएंगे बेटों को इंसाफ,
खोलेंगे कानून की आंख, दिखलाएंगे हैवानियत साफ।
मिटाएंगे पक्षपात का साया, लाएंगे एक नया सवेरा,
अब न सहेंगे अन्याय कोई, दूर करेंगे जुल्म का अंधेरा।
सच की राह पर कदम बढ़ाकर, हर मुश्किल को पार करेंगे,
हक और सच की इस लड़ाई में, हम जीत का शंखनाद करेंगे।
हाथों में लेकर हाथ चलेंगे, हम न कभी अब पीछे हटेंगे,
धर्म की इस पावन डगर पर, चलकर सारे दुख बांटेंगे।
टूटेगा हर झूठ का पिंजरा, घर-घर होगा न्याय का सवेरा,
जाग उठा है पुरुष समाज, सुलगी रही इंसाफ की आग।
बनेंगे इंसानियत की आवाज, गूंजेगा बस सच का राग,
न्याय की रक्षा हम करेंगे, होकर एक ही रंग रहेंगे!
बेटों के जन्म पर, अब ना दुखी होगा घर संसार,
one for all all for one, we are for men india परिवार।
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