Chai and Shayari

 .

तेरे ख़यालों का सरूर है,

हमें ख़ुद पे जो यह ग़ुरूर है।

हम तो अब से हूर हो गए, 'नूरम' 

आपकी नज़रों का यह क़सूर है।

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