Happy Mother's Day

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कविता : माँ


माँ, तेरी ममता का राज़ जब मालूम हुआ,

तेरा हर एहसास हमें ख़ास मालूम हुआ।


कितने पिए हैं आँसू, हमें दूध पिलाने के लिए,

कितने जोड़े हैं रिश्ते, हमें दुनिया में लाने के लिए।

कितने तोड़े हैं रिश्ते, हमें अपनाने के लिए,

कितने सीए हैं रिश्ते, हमसे रिश्ता निभाने के लिए।


कमज़ोर बाँहों से भी झूला तूने झुलाया,

मज़बूत हाथों से व्यक्तित्व को आकार दिया।

स्कूल हम जाते थे, हर इम्तिहान तूने जिया,

कम अंकों के दुःख को भी चुपचाप तूने सहा।


जीवन से प्रेम करना तूने ही सिखाया,

हर गिरते क़दम को संभलना तूने सिखाया।

तेरी दुआओँ ने हर राह को आसान किया,

तेरे त्याग ने जीवन को वरदान किया।


माँ, तेरे त्याग ने ईश्वर को भी झुकाया,

तेरे आँचल में दुआ और दवा का अर्क समाया।

ममता का ऋण कभी अदा न हो पाया,

माँ, तेरे प्रेम ने ही संसार को सार्थक बनाया।

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