ChaI and Shayari

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बादल हैं तो बरसात भी होगी क्या,

फिर मिले हैं इंस्टा पे, बात भी होगी क्या?


सुना है अक़्ल वाली दाढ़ आ रही है उन्हें,

 साथ में अक़्ल भी आएगी क्या?


पहले तो हर लाइक पे मुस्काते थे वो,

वो शोखी, वो सादगी अब बाकी होगी क्या?


मुमकिन नहीं हर मुलाक़ात मोहब्बत हो,

'नूरम', वो अब भी पहली-सी मासूम होगी क्या।

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