Chai and Shayari

 .

सूख गए हैं जो लाए थे गुलाब, 
तेरी राह तकते-तकते, 'नूरम',
अब कौन करेगा सिफ़ारिश हमारी,
 हाय! मोहब्बत के रास्ते।

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