Chai and Shayari

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सुना है चाँद में भी दाग़ है, चाँद भी बेदाग़ नहीं,

तेरे दाग़ हैं तिल मेरे लिए, तेरा चेहरा गुलज़ार रहे।

तुझसे मिलना है, बहुत कुछ मुझे भी कहना है,

यह इश्क़ है, 'नूरम', आग का दरिया है, याद रहे।



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